ISRO ने एक ही रोकेट से रेकोर्ड-ब्रेक 104 सेटेलाइट सफलतापूर्वक लोंच किए

भारत ने सबसे सस्ता मंगल-मिशन ‘मंगलयान’ को लोंच करके दुनिया को अपनी क्षमता का परिचय दिया था। वहां आज अवकाश-विज्ञान के क्षेत्र मे फिर एक बार भारत ने दुनिया मे अपनी छाप छोडी है। भारत की अवकाशीय संशोधन संस्था ISRO ने एक ही रोकेट से 104 सेटेलाईट एकसाथ सफलतापूर्वक लोंच करके रेकोर्ड बनाया है। इससे पहले यह रेकोर्ड रशिया के नाम था, जिसने 39 सेटेलाइट एकसाथ लोंच किये थे। श्रीहरिकोटा के सतिष धवन स्पेस सेन्टर से PSLV-C37 रोकेट लोंच किया गया, जिसमे CartoSat-2D तथा 103 नेनो सेटेलाइट लदे हुए थे। इनमे तीन भारत के और बाकी मे से 96 अमरिका मे बने सेटेलाइट शामिल थे।

ISRO के डायरेक्टर किरण कुमार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रणव मुखर्जी ने भारतिय विज्ञानीयों को ट्वीट कर इस सफलता पर बधाई दी। नरेन्द्र मोदी ने तुरन्त ही अपने ट्वीट मे कहा, “हमारे अवकाशीय वैज्ञानिको तथा राष्ट्र के लिए यह एक अवस्मरणिय और गौरवान्वित करनेवाली क्षण है। हमारे वैज्ञानिको को सलाम….”

प्रणव मुखर्जी ने अपनी ट्वीट श्रृंखला में कहा, “हमारे अवकाशीय संशोधन योजनाओ के इतिहास मे यह दिन एक सीमाचिह्न के रूप मे आंका जाएगा। अवकाशीय क्षेत्र मे हमारी क्षमता को बढानेवाली इस उपलब्धि पर हमारे देश को गर्व है।”

आज सुबह 9:28 बजे PSLV-C37 27,000 कीमी प्रति घंटा की रफ्तार से 16777 कीमी का अन्तर करीब आधे घंटे मे तय किया और सेटेलाइट को उनककी कक्षा मे सफलतापूर्ण तरीके से स्थापित किया। जिसमे मुख्य रूप से 714 किलोग्राम का सेटेलाइट तथा अन्य छोटे 664 किलोग्राम वजन के 103 सेटेलाइट थे। भारत के तीन सेटेलाइट के अलावा अलग-अलग देश के सेटेलाइट की जानकारी नीचे दी गई है।

  • CartoSat-2D – ISRO, India (1)
  • INS-1A – ISRO, India (1)
  • INS-1B – ISRO, India (1)
  • Flock-3p – Plant Labs, United States of America (88)
  • Lemur-2 – Spire Global, United States of America (8)
  • Al-Farabi-1 – Al-Farabi Kazakh National University, Kazakhstan (1)
  • BGUSat – Ben Gurion University, Israel (1)
  • Nayif-1 – Emirates Institution for Advanced Science and Technology (EIAST), UAE (1)
  • DIDO-2 – SpacePharma, Israel and Switzerland (1)
  • PEASS – PEASS Consortium, Netherlands, Germany, Belgium, and Israel (1)

इससे पहले भारत ने एक यान को मंगल की कक्षा मे छोडा था, जिसकी लागत करीब $73 करोड(लगभग 480 करोड रूपये) की आई थी। गौरतलब है कि NASA के मावेन मंगल-मिशन मे $673 करोड (लगभग 4,490 करोड रूपये) का खर्च हुआ था। इस तरह भारत ने बहुत ही कम लागत से मंगल मिशन को सफलतापूर्ण तरीके से पूरा किया था। जो दुनिया के लिए भी एक चौकानेवाली घटना थी।

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